ज्वांइट रिप्लेसमेंट सर्जनों ने घुटने के इम्प्लांटों के दाम घटाये जाने का स्वागत किया

विदेशी इंप्लाटों पर से निर्भरता घटाने के लिए स्वदेशी इंप्लांटों कोबेहतर बनाया जाना चाहिए: डा. राजू वैश्य

नई दिल्ली, 17 जुलाई। ज्वाइंट रिप्लेसमेंट सर्जनों ने खराब होचुके घुटने के जोड़ बदलने के लिए इस्तेमाल किए जाने वालेकृत्रिम इम्प्लांटों के दाम घटाने के केन्द्र सरकार के फैसले कास्वागत करते हुए कहा है कि सरकार को भारतीय इम्प्लांटों कीगुणवत्ता को बेहतर बनाने का प्रयास करना चाहिए ताकि विदेशोंसे आयातित इम्प्लांटों पर से निर्भरता कम हो सके। साथ हीज्वाइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी के कुल खर्च पर भी निगरानी रखनीचाहिए और इसके खर्च को अन्य कारणों से बढ़ाया नहीं जाना चाहिए।

Dr. RAju Vaishya

नई दिल्ली के इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल के वरिष्ठ ज्वाइंटरिप्लेसमेंट एवं आर्थोपेडिक्स सर्जन प्रो.(डा.) राजू वैश्य ने कहा किइस फैसले से मध्यम एवं निम्न आय वर्ग के लोगों को फायदाहोगा और वे दर्दनाक और खराब हो चुके अपने जोड़ों को सहीसमय पर बदलवा सकेंगे। लेकिन साथ ही साथ यह सुनिश्चितकिया जाना जरूरी है कि इम्प्लांटों के दाम घटने के कारण उनकीगुणवत्ता प्रभावित न हो।

इम्प्लांट के मंहगे होने के कारण घुटने बदलने की सर्जरी परअधिक खर्च आता है लेकिन इंम्प्लांट के सस्ते होने से घुटनेबदलने की सर्जरी भी सस्ती हो जाएगी जिससे कम और निम्नआर्थिक आय वाले लोग समय पर खराब जोड़ बदलवा सकेंगे औरवे दर्द एवं कष्ट से मुक्ति पा सकेंगे।

प्रोफेसर वैश्य ने कहा कि कई बार लोग पैसे के चलते खराब होचुके जोड़ों को बदलवाने का आपरेशन टालते रहते हैं जिसकेकारण उनके जोड़ ज्यादा खराब होते जाते हैं और वे दर्द एवं कष्टसे भरा जीवन जीने को विवश होते हैं। अगर घुटने बदलने कीसर्जरी सस्ती हो जाए तो अधिक से अधिक लोग समय पर जोड़बदलवाने का आपरेशन करवा सकेंगे और वे सक्रिय जीवन जीसकेंगे।

उन्होंने कहा कि आज के समय में जीवन शैली में परिवर्तन औरमोटापा बढ़ने के कारण आर्थराइटिस एवं ओस्टियो आर्थराइटिसआदि का प्रकोप बढ़ रहा है। आज न केवल अधिक उम्र के लोगों मेंबल्कि युवकों में भी घुटने एवं जोड़ो की आर्थराइटिस की समस्याबढ़ रही है और इस कारण से 65 साल से कम उम्र के लोगों में भीघुटने एवं अन्य जोड़ को बदलवाने के आपरेशन अधिक हो रहे हैं।

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